मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक – 09 सितम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1)    मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 09 जून 2025 को बम विस्फोट की घटना में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरेपूंजे की शहादत और अदम्य वीरता को सम्मानित करते हुए उनकी पत्नी श्रीमती स्नेहा गिरेपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

2)    मंत्रिपरिषद की बैठक में पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने तथा गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

    नीति की अवधि – नई व्यवस्था के अनुसार यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती।
    उद्योगों को मिलने वाले लाभ – सौर ऊर्जा परियोजनाओं को अब राज्य की औद्योगिक नीति के तहत प्राथमिकता उद्योग का दर्जा मिलेगा। 
    इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे ब्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने पर अनुदान, भूमि उपयोग बदलने की फीस में छूट, भूमि बैंक से जमीन लेने पर शुल्क में रियायत मिलेगी, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और तृतीय लिंग समुदाय के उद्यमियों को जमीन के प्रीमियम में छूट, दिव्यांगों को रोजगार देने पर अनुदान, मेगा और अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है। 

3)    मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री रीता शांडिल्य, जो वर्तमान में लोक सेवा आयोग की सदस्य एवं कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, को लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

4)    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ वरिष्ठ मीडिया कर्मी सम्मान निधि के तहत सेवानिवृत्त हो चुके मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली सम्मान राशि 10 हजार रूपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 20 हजार रूपए प्रतिमाह करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसकी घोषणा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई थी। 

रायपुर : युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख की अनुग्रह राशि

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि

युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), श्री विक्रांत सिंह एवं श्री राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की आत्मीयता ने छुआ श्रमिक परिवार का दिल, बेटी प्रतिज्ञा ने थामा सपनों का रास्ता

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से प्रतिज्ञा का फौज में जाने का सपना होगा पूरा

एक माँ की आँखों में उमड़ी खुशी, चेहरे पर झलकता गर्व और शब्दों में छलकता भावातिरेक इस बात का प्रमाण है कि सरकार की दिशा सही है और योजनाएँ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुँच रही हैं। रायपुर की नंदिनी यादव, जो रोज़ी-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, आज अपनी बेटी प्रतिज्ञा को छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल, टाटीबंध में प्रवेश दिलाकर गदगद हैं। यह संभव हुआ है मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से।

नंदिनी यादव बताती हैं कि वह हमेशा चाहती थीं कि उनके बच्चे भी इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ें, लेकिन सीमित आर्थिक स्थिति के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। घर के अन्य बच्चों को देख वह कई बार सोचती थीं कि उनकी बिटिया भी अच्छे स्कूल में पढ़े। जब प्रतिज्ञा का चयन अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में हुआ तो उनकी आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े। उन्होंने कहा मेरे लिए यह क्षण अविस्मरणीय है। यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान नंदिनी यादव ने अपने मन की भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब बेटी का भविष्य संवर जाएगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी नंदिनी यादव को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन की नई दिशा देने का माध्यम बनेगी।

नंदिनी ने बताया कि बेटी प्रतिज्ञा का सपना बड़ा है। वह हमेशा से कहती आई है कि उसे फौज में जाना है और देश की सेवा करनी है।  बिटिया का यह सपना अब हकीकत बनने की राह पर है। इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई और बेहतर संसाधनों की उपलब्धता से वह अपने लक्ष्य तक पहुँच सकेगी।  मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्ची की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सपनों से ही देश की नींव मजबूत होती है।

नंदिनी यादव ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि केवल बच्ची की शिक्षा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उन्हें पक्का मकान मिला है, उज्ज्वल योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिला और उनकी सासू माँ को शासन से सिलाई मशीन भी प्राप्त हुई है। इन योजनाओं ने उनके परिवार की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा सरकार की योजनाएँ मेरे परिवार के लिए संबल बन गई हैं, यही तो सच्चा अंत्योदय है।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी के कारण आज मेरी बच्ची को बेहतर शिक्षा मिल रही है। मैं मुख्यमंत्री जी के पास अपनी भावनाएँ व्यक्त करने आई हूँ। यह खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। माँ की भावुकता देखकर उपस्थित लोग भी प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी की पढ़ाई पूरी जिम्मेदारी से होगी और परिवार को लगातार सहयोग मिलता रहेगा।

उल्लखेनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत छठी से बारहवीं तक पढ़ाई का पूरा दायित्व सरकार उठाती है। नंदिनी यादव अब निश्चिंत हैं कि उनकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक संबल दिया है। यह कहानी केवल एक माँ-बेटी की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के उन हजारों परिवारों की है जिनके सपने सरकार की योजनाओं से साकार हो रहे हैं।

बुनकर प्रकोष्ट के राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन, 13 प्रस्ताव पारित।

सहकार भारती के तत्वाधान में बुनकर प्रकोष्ठ का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन,
समापन सत्र में राज्यपाल रामेन डेका और कृषि मंत्री रामविचार नेताम हुए शामिल,
अधिवेशन में 14 प्रस्ताव पारित हुए,
अधिवेशन में 17 राज्यों के 650 बुनकर प्रतिनिधि शामिल हुए।

रायपुर 24 अगस्त 202. सहकार भारती के तत्वाधान में राजधानी में चल रहे बुनकर प्रकोष्ठ का राष्ट्रिय अधिवेशन भव्यता के साथ सम्प्पन हुआ। अधिवेशन में देशभर से आये बुनकर प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओ और सरकारी योजनाओ को लेकर चर्चा किया। अधिवेशन का उद्देश्य हथकरघा और हस्तशिल्प में बढ़ते मशीनो के उपयोग, घटते बुनकरो की संख्या, सरकारी अनुदान में कमी सहित अनेक विषयो पर चर्चाये हुई। अधिवेशन में केरल, महाराष्ट्र, बिहार मध्यप्रदेश, आसाम, पक्षिम बंगाल, सहित कुल 17 राज्यों के प्रतिधि शामिल हुए। अधिवेशन के दूसरे दिन बुनकरों ने 13 मांगो का प्रस्ताव पारित किया जिसे भारत सरकार को भेजा जायेगा। प्रस्ताव को बुनकर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक अनंत मिश्रा ने रखा जिसे देशभर से आये बुनकर प्रतिनिधियों ने दोनों हाथ उठाकर समर्थन दिया।

नक्सलगढ़ की छवि अब सुधरेगी-
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम ने छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, यह बाबा गुरुघासीदास, बिरसामुंडा की धरती है। साल 2000 में छत्तीसगढ़ का उदय हुआ तो प्रदेश की बीजेपी सरकार ने इसे विकसित राज्य बनाने की कोशिश की, जिसका परिणाम है समकालीन राज्यों में छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है। छत्तीसगढ़ को दूर से देखने वाले नक्सलगढ़ समझते है, पर यह शांति का टापू है। जल्द ही नक्सल समस्या का संधान भी हो जायेगा।
छत्तीसगढ़ में बुनकरों की स्थिति बेहद अच्छी नहीं है, आजा भी हमारे द्वारा उपयोग किये जाने वाला राजकीय गमछा मशीनों से बना होता है, जबकि उसे हथकरघा से बना होना चाहिए। हमें अच्छी क्वालिटी के उत्पाद तैयार करने जरूरत है।

राज्यपाल बोले- मै स्वयं बुनकरों के गाँव से आता हूँ।
समापन सत्र में राज्यपाल डॉ रमेन डेका ने आयोजन के लिए सहकर भारती और बुनकर प्रकोष्ट को बधाई देते हुए कहा कि ऐसा आयोजन निश्चित रूप से बुनकरों के जीवन में आमूल चूल परिवर्तन लाने वाला है। मेरे गाँव में बुनकरों की संख्या अधिक है, जिसके चलते उसे बुनकरों का गाँव कहा जाता है। भारत एक बड़े बाजार में रूप में उभरा है ऐसे में यहाँ बुनकर समितियों और पावरलूम में व्यापक संभावनाएं है। छत्तीसग़ढ का कोसा देशभर में प्रसिद्ध है उसे और बढ़ाने की जरुरत है, उन्होंने अमूल और लिज्जत पापड़ का उदारः देते हुए उनके जैसे काम करने की नसीहत दी। आसाम से आये बुनकर प्रतिनिधियों का राजभवन में अतिथि सत्कार किया गया।

बुनकरों के हित में 13 प्रस्ताव पारित हुए
दो दिवसीय अधिवेशन में देशभर से आये बुनकरों से चर्चा और मंथन उपरांत उनकी समस्याओ के निराकरण हेतु 13 प्रस्ताव पारित हुए जिसे भारत सरकार को भेजा जायेगा। सहकर भारती के राष्ट्रीय महामंत्री दीपक पाचपोर ने प्रस्तावों के संबंध में बताया कि बुनकरों के कल्याण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र बुनकर कल्याण बोर्ड का गठन किया जाये जहां सरकारी योजनाओ की निगरानी और शिकायतों का समाधान हो। हथकरघा क्लस्टर और कॉमन फसलेटी सेंटर का गठन, हथकरघा वस्त्रो के निर्माण में लगने वाले जीएसटी को माफ़ करते हुए जीएसटी मुक्त किया जाये। राष्ट्रीय हथकरघा निति बनाने की मांग, बुनकरों के लिए पर्यटन सहित 13 प्रस्ताव पारित किया गया।

राष्ट्रीय बुनकर प्रकोष्ठ का पुनर्गठन-
सहकर भारती के राष्टीय अध्यक्ष उदय जोशी ने राष्ट्रीय बुनकर प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया, जिसमे अनंत मिश्रा को संयोजक बनाते हुए आसाम गुजरात महाराष्ट्र, उड़ीसा छत्तीसगढ़ के बुनकरों को सदस्य बनाने की घोषणा की।
कार्यक्रम में सहकर भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय जोशी, राष्ट्रीय महामंत्री दीपक चौरसिया, संगठन मंत्री श्री पाचपोर, राष्ट्रीय संयोजक अनंत मिश्रा, आरबीआई के निदेशक सतीश मराठे, छत्तीसगढ़ सहकर भारती महामंत्री कनीराम जी, कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र पाटनी सहित कार्यक्रम से जुड़े सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे।