नासिक/छत्रपति संभाजी नगर।
नासिक स्थित टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) धर्मांतरण मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रही निदा को छत्रपति संभाजी नगर के नारेगांव से पकड़ा गया है। निदा पर उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगे हैं। वह टीसीएस नासिक में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर काम करती थी। आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने उसे निलंबित कर दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, खान कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में पिछले कई दिनों से रह रही थी। वहां पर उसके साथ उसके चार और रिश्तेदार भी थे।
पुलिस निदा खान की तलाश में थी। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने कोई राहत नहीं दी। 4 मई को नासिक कोर्ट ने निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि पीड़िता को सुनियोजित तरीके से ब्रेनवॉश करके मलेशिया भेजने की योजना नजर आती है। कोर्ट के अनुसार, अपराध गंभीर है और मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
देवलाली पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, निदा खान, दानिश शेख और तौसीफ पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। इनमें झूठा विवाह का वादा करके यौन संबंध बनाना, यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना शामिल है। तीनों पर SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत भी आरोप लगे हैं।
पुलिस के अनुसार, दानिश शेख ने पीड़िता से शादी का झूठा वादा करके यौन उत्पीड़न किया। तौसीफ ने बार-बार छेड़छाड़ की और संबंध उजागर करने की धमकी देकर दबाव डाला। निदा खान पर आरोप है कि उन्होंने दोनों साथियों के साथ मिलकर पीड़िता को डराया-धमकाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाकर धर्म बदलने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जांच में पता चला कि निदा ने पीड़िता को बुर्का, पैगंबर मोहम्मद पर किताबें दी थीं और मोबाइल में इस्लामी ऐप्स इंस्टॉल करवाए।
सभी आरोपी पीड़िता के ही TCS नासिक यूनिट के सहकर्मी थे। पीड़िता को आरोपियों के धार्मिक रीति-रिवाज और दिनचर्या का पालन करने के लिए मजबूर किया गया था।
निदा खान ने दिसंबर 2021 में टीसीएस नासिक में काम शुरू किया था। आरोपों की जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने 9 अप्रैल को निलंबित कर दिया था।